Koderma News: पूरी रात पढाई फिर सुबह होते ही जॉब, इतनी मेहनत करके बनी सलोनी कुमारी CA

Devkundan Mehta
3 Min Read
पूरी रात पढाई फिर सुबह होते ही 9 घंटे की जॉब, इतनी मेहनत करके बनी सलोनी कुमारी CA

Koderma: जिले की चार बेटियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की फाइनल परीक्षा में सफलता हासिल की, जिससे कोडरमा का सम्मान बढ़ा है। परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली बेटियों ने बताया कि कम संसाधन के बावजूद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का निश्चय करके कड़ी मेहनत करके सफलता मिलेगी। कोडरमा की सलोनी जैन, हनी सर्राफ, दृष्टि जैन और श्रेया वर्मा ने सीए की उपाधि हासिल की है।

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सलोनी, एक परिवार की पहली बेटी जो CA बन गई

झुमरी तिलैया के स्टेशन रोड में रहने वाले कमल जैन और सुलेखा जैन की पुत्री सलोनी जैन, इस परिवार की पहली बेटी है. वह इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की फाइनल परीक्षा में सफलता प्राप्त की। स्टेशन रोड पर लोनी के पिता एक छोटी सी कपड़े की दुकान चलाते हैं। सलोनी के माता-पिता ने बताया कि वे उसके बेहतर स्कूली प्रदर्शन को देखते हुए उसे उसके सपनों के अनुसार उच्च शिक्षा प्राप्त करने में हर संभव प्रयास किया।

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सलोनी कुमारी CA
सलोनी कुमारी CA

आर्थिक तंगहाली में परिवार ने किया सहयोग

सलोनी की माता सुलेखा जैन ने बताया कि उनकी बेटी ने 2016 में वाणिज्य संकाय में कोडरमा जिला टॉपर बनाया था। 12वीं के परिणाम ने उसके उत्साह को बढ़ा दिया। वह स्नातक करने के लिए कोलकाता चली गई। सलोनी के माता-पिता ने बताया कि उसके दादा कैलाश चंद जैन, दादी कमला देवी जैन, नाना प्रभु दयाल जैन, नानी मीना देवी जैन, चाचा मनीष जैन, चाची जुली जैन और किशोर पांड्या ने घर की आर्थिक हालत खराब होने और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने में उनका बहुत सहयोग किया।

काम करने के बाद तैयारी

सलोनी ने बताया कि स्नातक करने के बाद वह सीए की परीक्षा देने के लिए तैयार हो गई। उस समय, उन्होंने प्राइवेट कंपनी में काम करते हुए अपनी तैयारी जारी रखी। वह सुबह 10 से शाम 5 तक काम करने के बाद रात में पढ़ाई करती थी। परीक्षा से दो महीने पहले, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से परीक्षा की तैयारी करने लगी।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति

Kidney Fail
Kidney Fail

सलोनी के पिता कमल जैन ने बताया कि उनकी मां सुलेखा देवी की 2014 में दोनों किडनी फेल हो गईं। किडनी भी ट्रांसप्लांट की गई। इसमें बहुत पैसा खर्च हुआ। इसके बाद परिवार का खर्च बढ़ा। उसकी बेटी को इस सफलता तक पहुंचाने के लिए उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद रिश्तेदारों से सहयोग लिया है। बताया कि उनकी दो बेटियों में से छोटी बेटी प्रिंसी जैन स्नातक कर रही है। वहीं, बेटा मयंक जैन अपनी बारहवीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी में व्यस्त है।

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मेरा नाम देवकुंदन मेहता हैं, मैं झारखण्ड राज्य का निवासी हूँ। मैं एक Content Writer, Creator, Editor और Student हूँ। यहाँ JoharUpdates पर अपनी लिखने की कला को प्रदर्शित करने के लिए पार्ट टाइम न्यूज़ लिखता हूँ। मैं कोडरमा जिले का निवासी हूँ इसलिए अपने आस-पास के जिलों के न्यूज़ को कवर करता हूँ। मझे न्यूज़ भेजने या मुझसे जुड़ने के लिए आप मुझे मेरे ईमेल "dkdevkundan@gmail.com" पर ईमेल कर सकते है।
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