Lohardaga News: गरीब लोगो में बढ़ रही बेरोजगारी को देखकर लोग हुए पलायन करने को मजबूर

Sahil Kumar
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गरीब लोगो में बढ़ रही बेरोजगारी को देखकर लोग हुए पलायन करने को मजबूर

Lohardaga: लोहरदगा के भंडरा प्रखंड क्षेत्र में काम नहीं मिलने से लोग पलायन कर रहे हैं। बेरोजगारी इतनी बढ़ी है कि आसपास के लोगों को काम करना या धंधा करना मुश्किल हो रहा है। बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और नेपाल भी मजबूरन पलायन कर रहे हैं।

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 क्षेत्र की जनता बहुत मेहनती है। इसलिए हर जगह काम मिलता है। ईंट भट्ठा से फैक्ट्री तक काम मिलता है। ईंट भट्ठा में परिवार रहकर काम करते थे। लेकिन आजकल क्षेत्रीय मजदूरों का आकर्षण फैक्ट्री या कंपनियों में काम करने पर बढ़ा है। जहां उन्हें उचित वेतन मिलता है रहने सहित अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। धान की फसल काटने के बाद बहुत से कामगार भाग गए हैं।

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मनरेगा के तहत रजिस्टर्ड 14,993 परिवार

नौकरी की कमी से लोगों को पलायन करना पड़ा
नौकरी की कमी से लोगों को पलायन करना पड़ा

भंडरा प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा के तहत 14993 परिवार हैं। 35768 कर्मचारी इसमें काम करते हैं। 2023-24 में, रजिस्टर्ड परिवारों में से केवल 123 परिवार को 100 दिन का काम मिला। 1515 परिवार आकाशी पंचायत में पंजीकृत हैं। 3873 लोग काम करते हैं।

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इनमें से सिर्फ छह परिवार को सौ दिन का काम मिला। मनरेगा के तहत बड़ागई पंचायत में 1761 परिवार हैं। इसमें 4098 कर्मचारी हैं। जिसमें एक परिवार को मात्र सौ दिन का काम मिला। भंडरा पंचायत में 1379 रजिस्टर्ड परिवार हैं, जिसमें 3450 लोग काम करते हैं। 37 परिवार ही 100 दिन का काम पाए।

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 भारो पंचायत में 1766 परिवार हैं। 3872 लोग काम करते हैं। रजिस्टर्ड परिवारों में से छह परिवारों को एक शताब्दी दिन का काम मिल गया। भीठा पंचायत में 1314 परिवार हैं। 3764 कर्मचारी पंजीकृत हैं। रजिस्टर्ड परिवारों में से सिर्फ 15 परिवारों को 100 दिन का काम मिला।

_बेरोजगारी को देखकर लोग हुए पलायन करने को मजबूर
_बेरोजगारी को देखकर लोग हुए पलायन करने को मजबूर

1848 परिवार गडरपो पंचायत में हैं। 3764 कर्मचारी इसमें काम करते हैं। रजिस्टर्ड परिवारों में से सिर्फ 22 परिवारों को एक वर्ष का काम मिला है। जमगई पंचायत में 1619 परिवार हैं। 4171 लोग काम करते हैं। इस पंचायत में किसी रजिस्टर्ड परिवार को सौ दिन का काम नहीं मिल पाया है। 1551 परिवार समानों पंचायत में पंजीकृत हैं। 

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इसमें 3807 कर्मचारी हैं। 13 रजिस्टर्ड परिवारों में से 13 को एक शताब्दी दिन का काम मिला है। 2024 परिवार उदरंगी पंचायत में हैं। 4813 कर्मचारी इसमें काम करते हैं। 23 निबंधित परिवारों को 100 दिन का काम मिला है। इस प्रकार, मनरेगा में निबंधित कर्मचारियों को औसत से कम नौकरी मिली है। यह भी पलायन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

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हेल्लो, मेरा नाम शाहिल कुमार है और मैं झारखंड के धनबाद जिले का रहने वाला हूँ। मैंने हिंदी ओनर्स में ग्राटुअशन किया हुवा है और Joharupdates में पिछले 3 महीनो से लेखक के रूप में काम कर रहा हूँ। मैं धनबाद सहित आस-पास के जिलों में होने वाली घटनाओ पर न्यूज़ लिखता हूँ और उन्हें लोगो के साथ साझा करता हूँ। आप मुझसे मेरे ईमेल 'shahilkumar69204@gmail.com' पर कांटेक्ट कर सकते है।
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