देवघर में डेंगू मरीजों की सूचना नहीं दे पा रहाअस्पताल और क्लिनिक हो रही परेशानी

Aabhash Chandra
4 Min Read
देवघर में डेंगू मरीजों की सूचना नहीं दे पा रहाअस्पताल और क्लिनिक

स्वास्थ्य विभाग देवघर में डेंगू के मामलों की सटीक सूचना नहीं पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और जांच केंद्रों को डेंगू के संदेह वाले मरीजों की सूचना देने के लिए कहा है। हालाँकि, कुछ निजी अस्पताल रिपोर्ट नहीं भेजते हैं।

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Deoghar में डेंगू वायरस: स्वास्थ्य विभाग ने देवघर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों सहित सभी जांच केंद्रों को डेंगू के संभावित मरीजों की सूचना देने का आदेश दिया है। जिले में कुछ निजी अस्पताल और जांच केंद्रों ने इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट नहीं भेजी हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को जिले में डेंगू के मामलों की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। डेंगू से मौतों की चर्चा अक्सर होती है, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं है। स्वास्थ्य विभाग लगातार निर्देश जारी कर रहा है ताकि डेंगू व चिकनगुनिया को महामारी बनने से पहले रोका जा सके, क्योंकि वे अधिसूचित बीमारी हैं। दूसरी ओर, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।

ऐसे में मरीज जांच केंद्रों और निजी चिकित्सकों से भी इलाज करा रहे हैं, लेकिन अस्पताल या क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसका कारण यह है कि शहर में अभी भी कुछ निजी अस्पताल और क्लिनिक हैं जो रजिस्ट्रेशन और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधित नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन के बाद भी डेंगू के बारे में जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी जाती है। यही नहीं, कुछ डेंगू मरीजों और उनके परिवारों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में, स्वास्थ्य विभाग डेंगू के बारे में सभी जानकारी नहीं पा पा रहा है।

शुक्रवार को डेंगू के आठ नए संदिग्ध मरीजों को फिर से पता चला

शुक्रवार को देवघर जिले में आठ नए संभावित डेंगू मरीजों की पहचान की गई। डॉ. गणेश कुमार यादव, जिला वीबीडी सलाहकार, ने इसकी जानकारी दी। उनका कहना था कि निजी अस्पताल ने सभी संदिग्धों को सूचित किया है। प्राप्त जानकारी के बाद, सभी संदेहपूर्ण डेंगू मरीजों की पहचान कर उनके सैंपलिंग किए गए हैं। सभी घरों में लार्वानाशी छिड़काव और फागिंग भी की गई है। सदर अस्पताल में डेंगू के 13 संदेहित मरीजों का उपचार चल रहा है, उन्होंने कहा। निजी अस्पतालों में भी डेंगू के संभावित मरीजों का इलाज किया जाता है। डेंगू की जांच के लिए जिले को ट्रू-नेट किट एक-दो दिनों में मिल जाएगा। सदर अस्पताल में ट्रू-नेट मशीन से डेंगू की जांच शुरू होगी। यह सूचना सिविल सर्जन रंजन सिन्हा ने दी थी। उनका कहना था कि ट्रनेट से कुछ दिन पहले डेंगू की जांच की गई थी, जो सफल रही थी। इसके बाद ट्रू-नेट किट देने का आदेश दिया गया है।

अध्यक्ष क्या कहते हैं?

स्वास्थ्य विभाग को तुरंत डेंगू या चिकनगुनिया के संदिग्ध मरीजों की सूचना देनी चाहिए, क्योंकि ये बीमारियां अधिसूचित बीमारी हैं। ऐसे में अस्पताल और क्लिनिक पर रजिस्ट्रेशन और कानूनी कार्रवाई भी रद्द कर दी जा सकती है अगर कोई इसकी जानकारी नहीं देता है। — देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रंजन सिन्हा

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मेरा नाम आभाष चंद्रा है और मैं फिलहाल अपना एक बिज़नेस कर रहा हूँ, और मैं पार्ट टाइम में Joharupdates के लिए न्यूज़ लिखता और उन्हें लोगो के साथ साझा करता हूँ। आप मुझसे मेरे ईमेल- aabhashchandra07@gmail.com पर समपर्क कर सकते है।